10वीं 12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर नई गाइडलाइन जारी, छात्रों के लिए नए नियम |Board Exam New Rules

By Priya

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Board Exam New Rules

Board Exam New Rules – भारतीय शिक्षा प्रणाली में बोर्ड परीक्षाएं हमेशा से छात्रों के जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ रही हैं। 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं न केवल छात्रों के शैक्षणिक भविष्य का निर्धारण करती हैं, बल्कि उनके करियर की दिशा भी तय करती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा बोर्डों ने समय-समय पर परीक्षा प्रणाली में सुधार और नए नियम लागू किए हैं। हाल ही में जारी की गई नई गाइडलाइन छात्रों के हित में कई महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है।

नए नियमों का उद्देश्य

नई गाइडलाइन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, छात्र-केंद्रित और तनाव मुक्त बनाना है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक परीक्षा पद्धति में कई खामियां थीं जो छात्रों पर अनावश्यक दबाव डालती थीं। नए नियमों के माध्यम से इन समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया गया है।

उपस्थिति और पात्रता संबंधी नियम

नई गाइडलाइन के अनुसार, बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों को न्यूनतम 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी। हालांकि, गंभीर बीमारी या अन्य विशेष परिस्थितियों में छूट दी जा सकती है। इसके लिए छात्रों को उचित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यह नियम नियमित कक्षा उपस्थिति को प्रोत्साहित करने और छात्रों में अनुशासन बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।

प्रश्नपत्र प्रारूप में बदलाव

नई गाइडलाइन के तहत प्रश्नपत्रों के प्रारूप में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब प्रश्नपत्रों में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (MCQ) का प्रतिशत बढ़ाया जाएगा, जो कुल अंकों का लगभग 30-40% होगा। इसके साथ ही, केस स्टडी आधारित प्रश्न और विश्लेषणात्मक प्रश्नों पर भी जोर दिया जाएगा। यह परिवर्तन छात्रों की सोचने और समझने की क्षमता को परखने के लिए किया गया है, न कि केवल रटने की क्षमता को।

आंतरिक मूल्यांकन का महत्व

नए नियमों में आंतरिक मूल्यांकन को और अधिक महत्व दिया गया है। अब कुछ विषयों में आंतरिक मूल्यांकन के अंकों को 30% तक बढ़ाया जा सकता है। इसमें प्रैक्टिकल परीक्षा, प्रोजेक्ट वर्क, असाइनमेंट और कक्षा प्रदर्शन शामिल होंगे। यह व्यवस्था छात्रों को पूरे वर्ष गंभीरता से अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित करती है।

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था

नकल और अन्य अनुचित साधनों को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है। नई गाइडलाइन के अनुसार:

  • सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे अनिवार्य होंगे
  • मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध
  • बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू की जाएगी
  • परीक्षार्थियों की तलाशी और सामान की जांच अनिवार्य होगी

उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटलीकरण

कई बोर्ड अब उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में बढ़ रहे हैं। इसके तहत उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके डिजिटल प्रारूप में संग्रहीत किया जाएगा। यह व्यवस्था पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाएगी। छात्र ऑनलाइन अपनी उत्तर पुस्तिका देख सकेंगे और किसी भी विसंगति की शिकायत कर सकेंगे।

परिणाम घोषणा और पुनर्मूल्यांकन नियम

नई गाइडलाइन के अनुसार, बोर्ड परिणाम घोषित होने के 15 दिनों के भीतर छात्र पुनर्मूल्यांकन या उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं। पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनाई गई है और अब छात्रों को यह जानकारी मिलेगी कि किस प्रश्न में कितने अंक बदले गए हैं।

विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के लिए सुविधाएं

दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं:

  • अतिरिक्त समय की सुविधा (सामान्य समय से 20-30 मिनट अधिक)
  • स्क्राइब (लिखने में सहायता) की सुविधा
  • विशेष परीक्षा केंद्र और अलग कक्ष
  • ब्रेल या बड़े अक्षरों में प्रश्नपत्र

मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श

नए नियमों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। सभी स्कूलों को परीक्षा के दौरान छात्रों के लिए काउंसलिंग सुविधा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, तनाव प्रबंधन और परीक्षा तैयारी पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

परीक्षा शुल्क और छूट प्रावधान

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए परीक्षा शुल्क में छूट का प्रावधान किया गया है। एससी/एसटी वर्ग के छात्रों को पूर्ण शुल्क माफी और अन्य पिछड़े वर्गों को 50% तक छूट दी जा सकती है। इसके अलावा, बालिकाओं के लिए भी विशेष छूट योजनाएं लागू की गई हैं।

ऑनलाइन पंजीकरण और दस्तावेजीकरण

परीक्षा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है। छात्रों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा और सभी आवश्यक दस्तावेज डिजिटल रूप में अपलोड करने होंगे। इससे पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ेगी।

निष्कर्ष

10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए जारी की गई नई गाइडलाइन छात्रों के हित में एक सकारात्मक कदम है। ये नियम न केवल परीक्षा प्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाते हैं, बल्कि छात्रों पर अनावश्यक दबाव को भी कम करते हैं। हालांकि, इन नियमों का सफल क्रियान्वयन तभी संभव है जब सभी हितधारक – छात्र, अभिभावक, शिक्षक और प्रशासन – मिलकर काम करें। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे नए नियमों को ध्यान से समझें और अपनी तैयारी उसी के अनुसार करें। शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर सभी नए नियमों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है, जिसे छात्रों और अभिभावकों को अवश्य पढ़ना चाहिए।

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