भारत में सोना और चांदी हमेशा से सुरक्षित निवेश के विकल्प माने जाते रहे हैं। बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की मजबूती, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव के कारण इन कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। 13 फरवरी 2026 को भी बाजार में इसी तरह की अस्थिरता देखने को मिली। ऐसे में निवेशकों और आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या सोना-चांदी महंगा हुआ या सस्ता? और क्या अभी निवेश का सही समय है?
आज का सोना-चांदी का ताज़ा भाव
आज भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में हल्की बढ़त देखी गई, जबकि चांदी में भी मजबूती का रुझान रहा।
24 कैरेट सोना लगभग ₹1,55,000 से ₹1,56,000 प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार कर रहा है।
22 कैरेट सोना ₹1,42,000 से ₹1,43,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है।
18 कैरेट सोना ₹1,16,000 से ₹1,17,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।
चांदी की कीमतों की बात करें तो यह लगभग ₹2,80,000 से ₹2,95,000 प्रति किलोग्राम के बीच बनी हुई है, जबकि प्रति ग्राम कीमत लगभग ₹280 से ₹295 के आसपास है।
कीमतें शहर, टैक्स और ज्वेलर्स के मार्जिन के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती हैं।
सोना-चांदी महंगा हुआ या सस्ता
पिछले कुछ हफ्तों के ट्रेंड को देखें तो सोने और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव के बाद स्थिरता का संकेत मिला है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण सोने में हल्की गिरावट आई थी। हालांकि, सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से कीमतों में फिर सुधार देखने को मिला।
चांदी ने सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव दिखाया है। औद्योगिक मांग बढ़ने और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सोलर सेक्टर में उपयोग बढ़ने के कारण चांदी की कीमतों में तेजी का रुझान देखा जा रहा है।
कीमतों में बदलाव के प्रमुख कारण
सोना और चांदी की कीमतें कई वैश्विक और घरेलू कारकों पर निर्भर करती हैं। इनमें प्रमुख हैं:
वैश्विक आर्थिक स्थिति
जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प के रूप में खरीदते हैं, जिससे कीमतें बढ़ती हैं।
डॉलर और ब्याज दरें
डॉलर मजबूत होने पर सोने की कीमतों पर दबाव आता है, जबकि ब्याज दरों में कमी सोने को आकर्षक बनाती है।
महंगाई
महंगाई बढ़ने पर सोना खरीदना एक सुरक्षित उपाय माना जाता है, जिससे इसकी मांग और कीमत दोनों बढ़ती हैं।
औद्योगिक मांग
चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी, सोलर पैनल और मेडिकल उपकरणों में होता है, जिससे इसकी औद्योगिक मांग कीमतों को प्रभावित करती है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा
वर्तमान बाजार स्थिति को देखते हुए, सोना लंबी अवधि के निवेश के लिए अभी भी सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, दीर्घकाल में सोने ने निवेशकों को स्थिर रिटर्न दिया है।
यदि आप शादी, त्योहार या व्यक्तिगत उपयोग के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, तो कीमतों में हल्की गिरावट के समय खरीदारी करना लाभदायक हो सकता है। वहीं निवेश के लिए, एकमुश्त खरीदने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रणनीति मानी जाती है।
चांदी में निवेश के अवसर
चांदी को अक्सर “गरीबों का सोना” कहा जाता है, लेकिन निवेश के दृष्टिकोण से यह भी काफी आकर्षक विकल्प बन चुका है। औद्योगिक उपयोग बढ़ने से भविष्य में इसकी मांग और बढ़ने की संभावना है।
यदि आप कम बजट में निवेश शुरू करना चाहते हैं, तो चांदी बेहतर विकल्प हो सकती है। यह छोटे निवेशकों को बाजार में प्रवेश करने का अवसर देती है और लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न दे सकती है।
निवेश के तरीके
सोना और चांदी में निवेश करने के कई विकल्प उपलब्ध हैं। निवेशक अपनी सुविधा और लक्ष्य के अनुसार इनमें से किसी को चुन सकते हैं।
भौतिक सोना और चांदी
ज्वेलरी, सिक्के और बार के रूप में खरीदना सबसे पारंपरिक तरीका है।
गोल्ड ETF
स्टॉक मार्केट के माध्यम से सोने में निवेश करने का आधुनिक और सुरक्षित विकल्प।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड
सरकार द्वारा जारी बॉन्ड, जिसमें ब्याज के साथ सोने की कीमत का लाभ मिलता है।
सिल्वर ETF और डिजिटल सिल्वर
डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से चांदी में निवेश का आसान तरीका।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 में सोने और चांदी दोनों में निवेश के अच्छे अवसर बन सकते हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई के दबाव के कारण सुरक्षित निवेश की मांग बनी रह सकती है।
हालांकि, अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय निवेशकों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी जाती है।
निवेश से पहले ध्यान रखने वाली बातें
निवेश करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:
- हमेशा हॉलमार्क वाला सोना खरीदें।
- कीमतों की तुलना विभिन्न ज्वेलर्स से करें।
- निवेश का उद्देश्य स्पष्ट रखें।
- बाजार के उतार-चढ़ाव को समझकर ही निर्णय लें।
निष्कर्ष
आज के ताज़ा रुझानों के अनुसार, सोना और चांदी दोनों में हल्की मजबूती देखने को मिल रही है। कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, ये दोनों धातुएं सुरक्षित निवेश के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं। यदि आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो सोना स्थिरता प्रदान करता है, जबकि चांदी भविष्य की औद्योगिक मांग के कारण बेहतर ग्रोथ का अवसर दे सकती है।
सही रणनीति, सही समय और धैर्य के साथ किया गया निवेश आपको बेहतर वित्तीय सुरक्षा प्रदान कर सकता है।






