अब सस्ता हुआ सोना-चांदी! कीमतों में आई बड़ी गिरावट, तुरंत चेक करें नया रेट | Gold And Silver Price Today

By Priya

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Gold And Silver Price Today

सोना और चांदी की कीमतों में आई ताजा गिरावट ने आम लोगों को बड़ी राहत दी है। पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रही कीमतों के बाद अब बाजार में नरमी देखने को मिल रही है। सर्राफा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय मार्केट तक, दोनों ही जगहों पर दाम नीचे आए हैं। ऐसे में जो लोग लंबे समय से सोना-चांदी खरीदने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह सही मौका माना जा रहा है। आइए जानते हैं कि आज के ताजा रेट क्या हैं, गिरावट की वजह क्या है और आगे कीमतों का रुख कैसा रह सकता है।

Gold And Silver Price Today: क्या है आज का ताजा भाव

आज के ताजा अपडेट के मुताबिक 24 कैरेट सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम पर उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वहीं 22 कैरेट सोना भी सस्ता हुआ है, जो ज्यादातर ज्वेलरी बनाने में इस्तेमाल होता है। चांदी की कीमतों में भी प्रति किलो के हिसाब से बड़ी कमी आई है।

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में सोने के दाम अलग-अलग टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण थोड़े भिन्न हो सकते हैं, लेकिन कुल मिलाकर हर जगह गिरावट का ट्रेंड साफ नजर आ रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप निवेश या ज्वेलरी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह

कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। सबसे पहला कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों का कमजोर होना है। जब वैश्विक स्तर पर सोना सस्ता होता है, तो उसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है।

दूसरा बड़ा कारण डॉलर की मजबूती है। डॉलर मजबूत होने पर सोने की कीमतों पर दबाव बनता है। इसके अलावा, अमेरिका और अन्य देशों में ब्याज दरों को लेकर चल रही चर्चाओं ने भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया है।

तीसरा कारण घरेलू मांग में थोड़ी कमी है। त्योहारों और शादी के सीजन के बाद मांग में आई सुस्ती भी कीमतों में नरमी की वजह बनी है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत

कीमतों में गिरावट निवेशकों के लिए दो तरह के संकेत देती है। पहली बात, जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह खरीदारी का अच्छा अवसर हो सकता है। सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है। आर्थिक अनिश्चितता के दौर में लोग सोने में निवेश करना पसंद करते हैं।

दूसरी तरफ, शॉर्ट टर्म निवेशक थोड़ा सतर्क रह सकते हैं। अगर वैश्विक बाजार में और गिरावट आती है, तो कीमतें और नीचे जा सकती हैं। इसलिए निवेश से पहले बाजार के रुख को समझना जरूरी है।

शादी-ब्याह के सीजन में मिली राहत

भारत में सोना सिर्फ निवेश का साधन नहीं है, बल्कि परंपरा और संस्कृति का भी अहम हिस्सा है। शादी-ब्याह में सोने की खरीदारी बड़े पैमाने पर होती है। ऐसे में कीमतों में आई गिरावट से उन परिवारों को राहत मिली है जो आने वाले महीनों में विवाह की तैयारी कर रहे हैं।

ज्वेलर्स के अनुसार, कीमतों में गिरावट के बाद ग्राहकों की दुकानों पर आवाजाही बढ़ने लगी है। कई लोग इसे अच्छा मौका मानकर खरीदारी की योजना बना रहे हैं।

चांदी में भी आई बड़ी नरमी

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। चांदी का इस्तेमाल ज्वेलरी के अलावा इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और मेडिकल उपकरणों में इसकी मांग बनी रहती है।

जब औद्योगिक मांग में हल्की कमी आती है या अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बनता है, तो चांदी की कीमतों पर असर पड़ता है। वर्तमान गिरावट का एक कारण वैश्विक मांग में नरमी भी माना जा रहा है।

क्या आगे और सस्ता हो सकता है सोना-चांदी

यह सवाल हर निवेशक और खरीदार के मन में है कि क्या कीमतें और गिर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार कई कारकों पर निर्भर करता है। अगर डॉलर मजबूत रहता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव जारी रहता है, तो सोने-चांदी के दाम में और नरमी देखी जा सकती है।

हालांकि, किसी भी वैश्विक संकट, युद्ध या आर्थिक अस्थिरता की स्थिति में सोने की मांग अचानक बढ़ सकती है, जिससे कीमतें फिर से उछाल मार सकती हैं। इसलिए बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है।

निवेश से पहले ध्यान रखने वाली बातें

अगर आप सोना या चांदी खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

पहली बात, हमेशा प्रमाणित ज्वेलर से ही खरीदारी करें। सोने की शुद्धता की जांच के लिए हॉलमार्क जरूर देखें।

दूसरी बात, निवेश के लिए आप गोल्ड ईटीएफ, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं। इससे आपको सुरक्षा के साथ पारदर्शिता भी मिलती है।

तीसरी बात, एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

आम लोगों के लिए क्या है सही रणनीति

जो लोग सिर्फ ज्वेलरी के लिए सोना खरीदते हैं, उन्हें कीमतों में गिरावट के समय खरीदारी का फायदा उठाना चाहिए। हालांकि, मेकिंग चार्ज और जीएसटी जैसे अतिरिक्त खर्चों को ध्यान में रखना भी जरूरी है।

निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में सोने का संतुलित हिस्सा रखना चाहिए। आमतौर पर वित्तीय विशेषज्ञ कुल निवेश का 5 से 15 प्रतिशत हिस्सा सोने में रखने की सलाह देते हैं। इससे जोखिम कम करने में मदद मिलती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव

भारत में सोने-चांदी की कीमतें काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करती हैं। जब वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता है, तो उसका असर घरेलू बाजार पर तुरंत दिखाई देता है।

कच्चे तेल की कीमतें, भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक महंगाई और केंद्रीय बैंकों की नीतियां भी सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करती हैं। इसलिए निवेश से पहले इन सभी पहलुओं को समझना जरूरी है।

निष्कर्ष

अब सस्ता हुआ सोना-चांदी आम लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कीमतों में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए सुनहरा अवसर हो सकती है जो लंबे समय से खरीदारी का इंतजार कर रहे थे। चाहे आप निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदना चाहते हों या शादी-ब्याह के लिए ज्वेलरी, वर्तमान समय अनुकूल माना जा सकता है।

हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है, इसलिए जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। सही जानकारी, विश्वसनीय स्रोत और विशेषज्ञ की सलाह के साथ ही निवेश करें। सोना-चांदी की कीमतों पर नजर बनाए रखें और अपने बजट व जरूरत के अनुसार समझदारी से फैसला लें।

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