Ration Card – देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और रसोई गैस वितरण व्यवस्था में फरवरी 2026 से कई महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। ये परिवर्तन आम नागरिकों के जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे। सरकार ने इन बदलावों को पारदर्शिता बढ़ाने, धोखाधड़ी रोकने और वास्तविक लाभार्थियों तक सब्सिडी पहुंचाने के उद्देश्य से लागू करने का निर्णय लिया है। आइए विस्तार से जानते हैं इन चार बड़े बदलावों के बारे में।
1. आधार-राशन कार्ड लिंकिंग अनिवार्य होगी
फरवरी 2026 से सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह होगा कि राशन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ना पूरी तरह अनिवार्य हो जाएगा। जिन परिवारों ने अभी तक अपने राशन कार्ड को आधार से लिंक नहीं किया है, उन्हें सब्सिडी वाला राशन और गैस सिलेंडर मिलना बंद हो जाएगा।
इस नियम के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य नकली और डुप्लिकेट राशन कार्ड धारकों की पहचान करना है। कई राज्यों में फर्जी राशन कार्ड के माध्यम से सब्सिडी का लाभ उठाया जा रहा था। आधार लिंकिंग से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था लागू होगी, जिससे एक व्यक्ति एक से अधिक राशन कार्ड का दुरुपयोग नहीं कर सकेगा।
राशन कार्ड धारकों को सलाह दी जाती है कि वे जनवरी 2026 के अंत तक अपने नजदीकी राशन कार्यालय या CSC सेंटर पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर लें। लिंकिंग के लिए राशन कार्ड, परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड और एक मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी।
2. डिजिटल राशन कार्ड की शुरुआत
फरवरी 2026 से पारंपरिक कागजी राशन कार्ड की जगह डिजिटल राशन कार्ड का चलन शुरू होगा। यह डिजिटल कार्ड स्मार्टफोन पर डाउनलोड किया जा सकेगा और इसे राशन की दुकानों पर दिखाकर अनाज और अन्य सामग्री प्राप्त की जा सकेगी।
डिजिटल राशन कार्ड की मुख्य विशेषताएं:
क्यूआर कोड आधारित प्रणाली: प्रत्येक डिजिटल कार्ड में एक यूनिक QR कोड होगा जिसे स्कैन करके लाभार्थी की पहचान और पात्रता की पुष्टि की जा सकेगी। यह प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होगी।
मोबाइल ऐप के माध्यम से उपलब्धता: सरकार एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च करेगी जहां सभी लाभार्थी अपना डिजिटल राशन कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इस ऐप पर मासिक कोटा, शेष राशन और लेन-देन का रिकॉर्ड भी देखा जा सकेगा।
वन नेशन वन राशन कार्ड का विस्तार: डिजिटल राशन कार्ड से पूरे देश में कहीं भी राशन लेना और भी आसान हो जाएगा। प्रवासी मजदूर और अन्य लोग जो एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं, उन्हें विशेष लाभ मिलेगा।
कागजी कार्ड की वैधता: हालांकि, जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है, उनके लिए कागजी राशन कार्ड भी मान्य रहेगा, लेकिन उन्हें भी आधार प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य होगा।
3. गैस सिलेंडर सब्सिडी में परिवर्तन
फरवरी 2026 से एलपीजी गैस सिलेंडर की सब्सिडी व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण बदलाव होंगे। सरकार आय के आधार पर सब्सिडी की नई व्यवस्था लागू करने जा रही है।
आय आधारित सब्सिडी प्रणाली: अब केवल उन्हीं परिवारों को गैस सब्सिडी मिलेगी जिनकी वार्षिक आय एक निर्धारित सीमा से कम है। विभिन्न राज्यों में यह सीमा अलग-अलग हो सकती है, लेकिन सामान्यतः यह 8-10 लाख रुपये प्रति वर्ष रखी जा सकती है।
आयकर रिटर्न फाइल करने वालों की जांच: जो लोग नियमित रूप से आयकर रिटर्न फाइल करते हैं और उनकी आय निर्धारित सीमा से अधिक है, उनकी सब्सिडी स्वतः बंद हो जाएगी। यह प्रक्रिया आयकर विभाग और पेट्रोलियम मंत्रालय के डेटा को जोड़कर की जाएगी।
प्रति परिवार सिलेंडर की संख्या में सीमा: पहले 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर प्रति वर्ष की सीमा थी, लेकिन नए नियमों के अनुसार इसमें कुछ परिवर्तन हो सकते हैं। कुछ राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह संख्या 9-10 की जा सकती है।
DBT के माध्यम से सीधे खाते में सब्सिडी: सभी पात्र लाभार्थियों को सब्सिडी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए गैस कनेक्शन का बैंक खाते और आधार से लिंक होना आवश्यक है।
4. फेस ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
चौथा और सबसे तकनीकी रूप से उन्नत बदलाव फेस ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की शुरुआत है। यह व्यवस्था धीरे-धीरे सभी राशन दुकानों और गैस एजेंसियों पर लागू की जाएगी।
राशन दुकानों पर ePoS मशीनें: सभी राशन दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ePoS) मशीनें लगाई जाएंगी जिनमें फिंगरप्रिंट स्कैनर और कैमरा होगा। राशन लेते समय लाभार्थी को अपनी उंगली का निशान देना होगा या चेहरे की पहचान करानी होगी।
प्रॉक्सी और नकली पहचान पर रोक: यह तकनीक किसी अन्य व्यक्ति द्वारा राशन लेने को पूरी तरह से रोक देगी। केवल पंजीकृत लाभार्थी या परिवार का सदस्य ही राशन ले सकेगा।
गैस बुकिंग में OTP और फेस वेरिफिकेशन: गैस सिलेंडर बुक करते समय रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा और डिलीवरी के समय डिलीवरी बॉय के पास एक डिवाइस होगी जिसमें चेहरे की पहचान या OTP वेरिफिकेशन की सुविधा होगी।
डेटा सुरक्षा के उपाय: सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी बायोमेट्रिक डेटा एन्क्रिप्टेड रूप में सुरक्षित सर्वर पर संग्रहित किया जाएगा और इसका दुरुपयोग नहीं होगा।
लाभार्थियों को क्या करना चाहिए?
इन बदलावों से निपटने के लिए सभी राशन कार्ड धारकों और गैस कनेक्शन रखने वालों को तुरंत निम्न कदम उठाने चाहिए:
- आधार लिंकिंग पूरी करें: अपने राशन कार्ड और गैस कनेक्शन को आधार से तुरंत लिंक कराएं।
- मोबाइल नंबर अपडेट करें: आधार, राशन कार्ड और गैस कनेक्शन में एक ही सक्रिय मोबाइल नंबर रजिस्टर कराएं।
- बैंक खाता लिंक करें: सब्सिडी प्राप्त करने के लिए अपना बैंक खाता राशन कार्ड और गैस कनेक्शन से लिंक करें।
- दस्तावेज अपडेट करें: सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र अपडेट रखें।
- मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: सरकारी मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करके अपने राशन कार्ड की स्थिति नियमित रूप से चेक करें।
निष्कर्ष
फरवरी 2026 से लागू होने वाले ये बदलाव देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, कुशल और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हालांकि शुरुआत में कुछ लोगों को तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन दीर्घकालिक रूप से यह व्यवस्था वास्तविक लाभार्थियों के लिए फायदेमंद साबित होगी। सरकार ने जनवरी के अंत तक सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य रखा है। लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें ताकि उन्हें राशन और गैस सब्सिडी प्राप्त करने में कोई परेशानी न हो।














